Know yogas in your kundli/Horoscope,Dhan yog, Gajkeshari yog,Raj yog (foresightindia.com)
 ज्यो‌त‌िषशास्‍त्र में हजारों योग बताए गए हैं। इनमें कुछ अशुभ फल देने वाले होते हैं तो कुछ शुभ।वैदिक ज्योतिष के अनुसार, योग व्यक्ति के जन्म कुंडली में उपस्थित विशिष्ट ग्रहों के संयोजन को संदर्भित करता है जो कि उसके जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है.वैदिक ज्योतिष के अनुसार सौ से अधिक योग हैं, जिनके पास व्यक्ति के जीवन में विशिष्ट परिणाम उत्पन्न करने की शक्ति है।आज यहां हम आपको ऐसे योगों के बारे में बता रहे है ज‌िनके कुंडली में होने का मतलब है व्यक्त‌ि धनवान होने के साथ ही महान व्यक्त‌ित्व का भी स्वामी होगा।
यह योग प्रसिद्ध धन योगों में से एक योग है.
जैसे की गजकेशरी योग जिसको अत्यंत शुभ और फलदायी योग के रूप में मान्यता प्राप्त है.यदि किसी की कुंडली में गजकेसरी योग बनता है तो उस जातक को गज यानि हाथी के समान शक्‍ति और धन-वैभव की प्राप्‍ति होती है। वह बुद्धिमान और दीर्घायु होता है।यह योग तब बनता है जब किसी की कुंडली में बृहस्पति चंद्रमा से केंद्र में हों अर्थात चंद्रमा से गिनने पर यदि बृहस्पति 1, 4, 7 अथवा 10 वें घर में स्थित हों तो ऐसी कुंडली में गज केसरी योग बनता है.सबसे अच्छा गजकेसरी योग तब बनता है जब गुरु + चन्द्रमा की युति एक ही भाव मे हो यह योग शुभा – शुभ माना जाता है.अधिकतर यह योग बड़े बड़े राजनेता ,मंत्री, विधायक बड़े बड़े व्यापारी अभिनेता , उच्च पद पर आसीन जातक की कुन्डली मे ज्यादा देखा जाता है.कुंडली में यह योग का शुभ और अशुभ फल कुंडली के भावों, राशि, नक्षत्र और गुरु की स्थिति पर निर्भर करता है।
क्योंकि इस योग का फल भाव, राशि, नक्षत्र और की गुरू की पोजीशन के आधार पर मिलता है।
जिसकी कुंडली के पहले भाव में ये योग बनता है वह कोई नेता या अभिनेता होता है ऐसे जातक को देखने के लिये जनता उतावली हो जाती है.उसका रहन सहन राजाओ जेसा होता है. यह योग जातक को गलत रास्ते पर भी जाने से रोकता है.