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    • 1
    Know what is the future of your child and which field make a carrier.
    Know
    what is the future of your child and which field make a carrier.


    All these questions about your child are whether their health will
    improve or not, in which area the children will grow, how their
    education will be, how will their future be, what will they go to?


    For download Report here
    now: Foresight Systems Ltd.
     In
    Hindu culture, it is said that children should be born to attain
    liberation from debt.


    You
    have the opportunity to grow in your child's horoscope and the
    future of your child. They can know everything.


    If
    Mars will be under the influence of Rahu or will be under the
    influence of Mars Saturn, then the child will become a criminal.


    Like
    Mercury and Jupiter combines money, it means if your child is the sum
    of these two planets in the horoscope then the child can go to the
    finance sector.


    If
    Mercury is weak here then it can be in the banking sector but it may
    be that it does not look at accounts, see marketing or
    administration.


    If Mars will be under the influence of Rahu or will be under the
    influence of Mars Saturn, then the child will become a criminal.
    • 1
    What will be the effect of the Saturn Sati in your life
    अगर आप भी जानना चाहते है की आपकी साढ़े साती कब कब पड़ेगी , क्‍या प्रभाव होगा साढ़े साती का आपके जीवन में ,क्‍या आपके साढ़े सात साल का पूरा समय एक जैसा खराब होगा । अगर नहीं तो कौनसा समय अधिक कठिन होगा । और उसके उपाय के साथ साथ आपका भाग्य रतन कौन सा है और कौन सा रतन किस दिन किस ऊँगली में किस धातु के साथ पहनना चाहिए। आदि जानने के लिए अपनी शनि की सादे साती, और स्टोन की रिपोर्ट यहाँ से  Foresight Systems Ltd. डाउनलोड करे सिर्फ  Rs: 90 में | शनि की साढ़े साती के प्रति लोगों के हृदय में डर की भावना बनी हुई है।
    शनि की साढ़े साती, Vedic astrology के अनुसार नवग्रहों में से एक ग्रह, शनि की साढ़े सात वर्ष चलने वाली एक प्रकार की ग्रह दशा होती है।
    कहा जाता है की जिस दिन शनि किसी विशेष राशि में होता है उस दिन से शनि की साढ़े साती शुरू हो जाती है। सामान्य अर्थ में साढ़े साती का अर्थ होता है सात वर्ष छ: मास।
    Vedic Astrology के अनुसार शनि की साढ़े साती तब बनती है जब शनि गोचर में जन्म चन्द्र से प्रथम, द्वितीय और द्वादश भाव से गुजरता है।
    इस तरह तीन राशियों से गुजरते हुए यह साढ़े सात वर्ष का समय लेता है जिसे साढ़े साती कहा जाता है। सामान्य अर्थ में साढ़े साती का अर्थ हुआ सात वर्ष छ: मास।
    और शनि एक राशि से गुजरने में ढ़ाई वर्ष का समय लेता है जिसे शनि की ढैय्या कहते है. और ढैय्या का अर्थ हुआ ढ़ाई वर्ष।शनि साढ़े साती” और “शनि की ढैय्या” की गणना चंद्र राशि के अनुसार अर्थात जन्म के समय जिस राशि में चंद्रमा होता है तब से की जाती है .
    शनि को ग्रहों में सर्वोच्च न्यायाधीश कहा गया है जो अनुचित कार्य करने वालों को समय आने पर दंड देता है। यह वह ग्रह है जो राजा को रंक बना देता है और जमीन से आसमान पर भी ले जाता है। यह शत्रु भी है और मित्र भी।
    हर व्यक्ति के जीवन में शनि की साढ़ेसती (Shani ke Sade Sati )तीन बार आती है. 1.प्रथम बार बचपन में,(Child ) 2 .युवावस्था में (Young )  3. वृधावस्था में (Old ). 
    प्रथम का प्रभाव शिक्षा पर, दूसरी बार का प्रभाव धन, मान-सम्मान, रोजगार आदि पर और तृतीय का प्रभाव आयु व स्वास्थ्य पर पड़ता है
    शनि किसी के जीवन में क्या फल देगा, शुभ प्रभाव होंगे या अशुभ , इसका विवेचन, कुंडली के 12 भावों, 12 राशियों, 27 नक्षत्रों, शनि की दृष्टि, उसकी गति,जातक की दशा, गोचर, साढ़ेसाती या ढैय्या, ग्रह के नीच, उच्च या शत्रु होने या किसी अन्य ग्रह के साथ होने, ग्रह की डिग्री, विशेष योगों, कुंडली के नवांश आदि के आधार पर किया जाता है.
    यदि किसी की कुंडली में शनि जन्‍म या लग्‍न राशि से बारहवें, पहले व दूसरे हो तो शनि की साढ़े साती होती है।
    • 1
    If you want to know whether there is yoga in your horoscope or not, then what w...
    Who does not want material amenities, wealth, property, vehicles etc. in life. Many people get all of this from ancestral way, so many people continue to work harder to get them. In spite of this success, few people are able to get their hands. 
    https://goo.gl/ohHjuP 
    • 1
    Online Horoscope analysis and Horoscope/Kundli Prediction
    अगर
    आप जानना चाहते है की आपकी
    अपनी कुंडली का विस्लेषण और
    अपनी शादी
    ,
    नौकरी,
    और

    हमारे
    जीवन में बहुत सी ऐसी बाते
    होती है जो हम जानना चाहते है
    जैसे कि हमारी राशि क्या है
    हमारे आने वाले दिन कैसे होंगे
    ,
    हमारा
    वैवाहिक जीवन कैसा होगा,
    नौकरी
    कब लगेगी बहुत सी ऐसी बाते है
    जो हमारे दिमाग में चलती रहती
    है.
    आदि
    के बारे में तो आज ही यहाँ से
    अपना कुंडली (
    Kundli )
    (
    https://www.foresightindia.com/basichoro/p1
    )
    डाउनलोड
    करें
    |

    • 1
    Know Your Detailed birth chart Lagna Kundli Navamsa, cusp chart,Maha Dasa
    अगर आप विवाह, वैवाहिक जीवन, नौकरी, भविष्य , आदि के बारे में जानना चाहते है तो आज ही यहाँ से अपनी Foresight System Ltd. रिपोर्ट डाउनलोड करे 
    आजकल हमसे अधिकतर लोग यही प्रश्न करते है की मेरा भाग्य कैसा है।
    राशि क्या है हमारे आने वाले दिन कैसे होंगे।मेरी शादी कब होगी।सरकारी नौकरी का योग है , पैसा का योग है आदि।
    कुंडली में नौवां स्थान भाग्य का और दसवां कर्म का स्थान होता है।
    कोई भी व्यक्ति इन दोनों घरों की वजह से ही सबसे ज्यादा सुख और समृधि प्राप्त करता है।
    जिसके लिए नवमांश कुंडली (Navmansh kundli )की आवश्यकता होती है।नवमांश से पत्नी या जीवन साथी के विषय में सही सही अनुमान लगाया जा सकता है |
    जीवन साथी का रंग रूप कैसा होगा | स्वभाव कैसा होगा | चरित्र और शिक्षा कैसी होगी | जीवन साथी की नौकरी या कारोबार की क्या स्थिति होगी |
    यहाँ तक कि जीवन साथी किस व्यवसाय या पद से सम्बन्ध रखेगा | आर्थिक स्थिति क्या होगी | परिवार बड़ा होगा या छोटा | भाई बहनों के बारे में अनुमान लगाया जा सकता है | विवाह के बाद का समय कैसा रहेगा | शादी सफल होगी या नहीं, आदि
    इन सबको देखने के लिए नवमांश कुंडली की ही आवयश्कता पड़ती है इसीलिए भविष्यकथन में नवमांश आवश्यक हो जाता है. अगर आप ये सब जानना चाहते है तो आज ही हमसे C2 Model बनवाएं।
    C2 Model में हम - बेसिक कास्टिंग ( Basic Casting ), लग्न कुंडली(Lagan Kundli ), नवमांश कुंडली ( Navmansh kundli ), तारा चक्र (Tara Chakra ), मंडी, शुभ पाप वर्ग टेबल, प्लैनेटरी बालादी अवस्था, विंशोत्तरी दशा ( Vimsotri dasa ), षोडस वर्गा चार्ट ये सब देते है

    • 1
    जाने अपने कुंडली ( Kundli ) के 12 भाव का विष्लेशर
    जाने
    अपने कुंडली
    ( Kundli ) के
    12 भाव
    का विष्लेशर



    कहते
    हैं की हमारे जन्म से पहले ही
    हमारा भाग्य तय हो जाता है और
    यह भाग्य जन्म के बाद कुंडली
    (Kundli )यानी
    जन्मपत्री के साथ जुड़ जाता
    है। इसलिए यह बहुत ज़रूरी हो
    जाता है की जिससे हमारा भाग्य
    जुड़ा हुआ है हमें उसकी जानकारी
    हो।


    ज्योतिष
    से जीवन के रहस्य खोलने के लिए
    जन्म समय के अनुसार कुण्डली
    बनाना जरूरी होता है,


    कुंडली
    के द्वारा आप बहुत कुछ जान
    सकते है जैसे की आपके आने वाले
    दिन कैसे होंगे,
    आपका
    वैवाहिक जीवन कैसा होगा,
    आपकी
    नौकरी कब लगेगी ऐसी बहुत सी
    बाते है जो आप जान सकते है.


    और
    इन्ही सब बातो को जानने के लिए
    आप ज्योतिष के पास जाते है और
    अपनी कुंडली का विस्लेसन
    करवाते है।


    भारतीय
    ज्योतिष में किसी भी व्यक्ति
    का भूत ,भविष्य
    और वर्तमान उसकी कुंडली से
    पता चल सकता है।


    जब
    हमारी कुंडली
    (Kundli
    ) से
    ही हमारा भूत,
    भविष्य
    और वर्तमान जुड़ा हुआ है तो
    क्यों न हम इसकी पूर्ण जानकारी
    ले लें।


    जन्म
    कुंडली में बारह भाव होते हैं
    और हर भाव में एक राशि होती
    है.
    कुँडली
    के सभी भाव जीवन के किसी ना
    किसी क्षेत्र से संबंधित होते
    हैं.


    जैसे
    की पहला भाव तन,
    दूसरा
    धन,
    तीसरा
    सहोदर,
    चतुर्थ
    मातृ,
    पंचम
    पुत्र,
    छठा
    अरि,
    सप्तम
    रिपु,
    आठवाँ
    आयु,
    नवम
    धर्म,
    दशम
    कर्म,
    एकादश
    आय तो द्वादश व्यय भाव कहलाता
    है़.इससे
    आप अपनी नौकरी(Job
    )
    पैसा
    ( Money ),
    बिज़नेस
    ( Bussiness) ,
    शादी
    आदि के बारे में सब कुछ जान
    सकते है।


    इन
    12
    भावो
    के आधार पर ही ज्योतिष आपके
    प्रश्नो का उत्तर देते है.


    जैसे
    की दसम भाव जिसे कर्म भाव कहा
    जाता है। इसके स्वामी को दशमेश
    या कर्मेश कहा गया है। दशम भाव
    से व्यक्ति की आजीविका का
    विचार किया जाता है।
    अर्थात्
    व्यक्ति सरकारी नौकरी (
    Government Job ) करेगा
    अथवा प्राइवेट,
    या
    व्यापार करेगा तो कौन सा,
    उसे
    किस क्षेत्र में अधिक सफलता
    मिलेगी।


    जैसे
    की कमाई के लिए कुंडली में
    ग्यारहवां भाव देखना होगा।
    इससे आने वाले धन और आय-व्यय
    का अंदाजा लगाया जा सकता है।


    इसीलिए
    Foresight
    ने
    एक P1
    मॉडल
    बनाया है जिसमे की हम आपको
    आपकी कुंडली में चार्ट जैसे
    की लगन,
    नवांश
    आदि होते है।और साथ में हम
    आपकी कंडली (Kundli)
    का
    विश्लेषण करते है और उसमे आपको
    बताया जायगा की आपको कौन सा
    बिज़नेस करना चाहिए आपको किस
    चीज के बिज़नेस में लाभ होगा
    आपकी शादी कैसे होगी कैसा
    रहेगा आपका वैवाहिक जीवन और
    अपने भविष्य के बारे में सब
    कुछ जान सकते है।इसमें आप
    भविष्यवाणियों (Predication)
    के
    साथ अपनी राशि प्राप्त कर सकते
    हैं.और
    यह आपको पूर्ण हिन्दी,
    अंग्रेजी,
    बंगाली
    ,
    गुजराती
    और मराठी में भी उपलब्ध करती
    हैं।


    इसके
    द्वारा आपको ज्योतिष से बार
    बार अपनी कुंडली (Kundli)
    को
    दिखाने नहीं जाना पड़ेगा क्यूंकि
    इस के द्वारा आप अपनी शादी,
    करियर,
    जॉब,
    बिज़नेस
    सबके बारे में जान सकेंगे और
    जब भी आपका मन करे आप तब उसे
    पड़ सकेंगे.