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    What is Nakshtra, Know about Rewati nakshtra
    अगर आप जानना चाहते है की आपका नक्षत्र कौन सा है और उसका आपके जीवन पर क्या प्रभाव है अपना नक्षत्र -See more...
    जन्म के समय मौजूद ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों के आधार पर हमारी कुंडली का निर्माण होता है और फिर यही ग्रह अपने-अपने स्वभाव के अनुरूप हमारे जीवन को चलाते हैं।वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों का विशेष महत्व है।आपके जन्म के समय चन्द्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है , वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है । आपके सही जन्म नक्षत्र पता होने के बाद आपके बारे में बिल्कुल सही भविष्यवाणी की जा सकती है। भारतीय ज्योतिष में बहुत से नक्षत्र है जैसे की अश्विनी, मृगसर, पुनर्वसु, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, रेवती आदि।लेकिन आज हम बात क्र रहे है रेवती नक्षत्र की -27 नक्षत्रों में से रेवती को 27वां तथा अन्तिम नक्षत्र माना जाता है।रेवती का शाब्दिक अर्थ है धनवान अथवा धनी, इस नक्षत्र का स्वामी बुध है, देवता पूषा हैं, और राशि स्वामी गुरु है।गुरु बुध की युति जिस भाव में होगी वैसा फल देगा।इस नक्षत्र से विद्या का आरंभ, गृह प्रवेश, विवाह, सम्मान प्राप्ति, देव प्रतिष्ठा, वस्त्र निर्माण इत्यादि कार्य संपन्न किए जाते हैं।जिन लोगो का जन्म इस नक्षत्र में होता है वह बुध महादसा में जन्म लेते हैं। तथा तेजस्वी, सुंदर, चतुर, विद्द्वान होते हैं। धन धान्य से युक्त होते हैं।इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति को सरकारी नौकरी , बैंक, शिक्षा, लेखन, व्यापार , ज्योतिष एवं कला के क्षेत्र में कार्य करते देखा गया है.पर इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति को अपने जीवन में माता पिता का सहयोग कभी नहीं प्राप्त होता है. यही नहीं उनका करीबी मित्र या रिश्तेदार भी कष्ट के समय उनका साथ नहीं देते हैं परन्तु उनका दाम्पत्य जीवन बहुत खुशहाल होगा. विवाह उपरान्त उनका जीवन साथी उनका हर प्रकार से सहयोग करेगा तथा उनका जीवन सुखमय और आनंदित रहेगा.आश्लेषा नक्षत्र में जन्मा जातक प्रत्येक कार्य में सफल होता है। आश्लेषा नक्षत्र नौवाँ नक्षत्र है। यह कर्क राशि के अंतर्गत आता है। इस नक्षत्र का स्वामी बुध है। इन नक्षत्र में जन्म लेने वालों को बुध व चंद्र का प्रभाव पड़ता है। बुध ज्ञान का कारक है। यह वणिक ग्रह भी माना गया है।इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति की आँखों एवं वचनों में विशेष आकर्षण होता है. लग्न स्वामी चन्द्रमा के होने के कारण ऐसे जातक उच्च श्रेणी के डॉक्टर , वैज्ञानिक या अनुसंधानकर्ता भी होते हैं क्योंकि चन्द्रमा औषधिपति हैं. इस नक्षत्र में जन्मे जातक बहुत चतुर बुद्धि के होते हैं. आप अक्सर जन्म स्थान से दूर ही रहते हैं।
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