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    what is Muntha ,Know your muntha in kundli
    अगर आप भी जानना चाहते है की इस वर्ष मुंथा आपकी वर्ष कुंडली के किस भाव में स्तिथ है तथा मुंथा,वर्षेश, सहम इन तीनो दशाओ की गड़ना करके इस वर्ष और महीने की घटनाओ जैसे की परीक्षा में सफलता, व्यापार में उतार-चढ़ाव या स्थानांतरण, जॉब,शादी आदि के बारे में वो भी फ्री में,https://bit.ly/2GuDRV0 
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    What is Nakshtra and benifit ?
    अगर आप भी जानना चाहते है की आपकी कुंडली में कौन सा नक्षत्र है तो आज ही यहाँ से अपनी रिपोर्ट निकाले - https://www.foresightindia.com/basichoro/C1 डाउनलोड करे 
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    आज के समय में हर व्यक्ति परेशान रहता है, कोई नौकरी को लेकर तो कोई अपने कॅरियर ,बिज़नेस आदि समस्याओ को लेकर , वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों का विशेष महत्व है।आपके जन्म के समय चन्द्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है , वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है ।
    नक्षत्र शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है और यह दो अलग-अलग शब्दों से बना है जो कि ‘नक्स’ और ‘शतर’ हैं। नक्स’ शब्द का अर्थ है ‘आकाश’ और ‘शतर’ शब्द का अर्थ है ‘क्षेत्र’ जो कि एक साथ आकाश का क्षेत्र दर्शाता है।आपके जन्म के समय चन्द्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है , वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है । ज्योतिष शास्त्र में विभिन्न प्रकार के नक्षत्रों का जिक्र किया गया है। ये सभी नक्षत्र जितने महत्वपूर्ण हैं उतने ही वैयक्तिक के जीवन पर भी असर डालते हैं। आपको यकीन नहीं होगा लेकिन ये सच है कि जिस नक्षत्र में इंसान जन्म लेता है वह नक्षत्र उसके स्वभाव और आगामी जीवन पर अपना असर जरूर छोड़ता है।ज्योतिष के अनुसार ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति का जीवन उसकी जन्म कुंडली के अनुसार चलता है। कब अच्छा समय आएगा और कब समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, यह सब कुंडली में नक्षत्र को देखकर जाना जा सकता है।नक्षत्र के द्वारा आप ये भी जान सकते हैं कि किस क्षेत्र में कॅरियर बनाना आपके लिए फायदेमंद होगा।नक्षत्र आपके भाग्य को भी दर्शाता है कि आप कितने भाग्यशाली हैं।ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि इन 27 नक्षत्र में से आपका जन्म किस नक्षत्र में हुआ है, इसके आधार पर अगर लेकिन आज हम बात क्र रहे है कुंडली के नक्षत्र के द्वारा आपको किस क्षेत्र में कॅरियर बनाना आपके लिए फायदेमंद होगा।आप अपने कॅरियर का निर्धारण करेंगे तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी।
    नक्षत्र 27 प्रकार के होता है | जिसमे कुछ शुभ नक्षत्र और अशुभ नक्षत्र और कुछ माध्यम प्रकार के नक्षत्र होते है | ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि इन 27 नक्षत्र में से आपका जन्म किस नक्षत्र में हुआ है, इसके आधार पर अगर आप अपने कॅरियर का निर्धारण करेंगे तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी।
    जैसे की अश्विनी नक्षत्र -अश्विनी नक्षत्र में जन्मे लोग हमेशा ऊर्जावान होने के सथ-साथ हमेशा सक्रिय रहना पसंद करते है।अगर यातायात से जुड़ा कोई कार्य करेंगे तो उन्हें सफलता मिलेगी।और इसके अलावा खेल, दवाइयां, कृषि, जिम, जौहरी, सुनार आदि से संबंधित क्षेत्र भी फायदा पहुंचाएंगे।
    जैसे की हम जानते है की एक नक्षत्र में चार पद होते है :
    अश्विनी नक्षत्र के प्रथम पद में जन्मे जातक से पिता को कष्ट व भय होता है ,
    दुतिये पद में जन्मे जातक से परिवार में सुख मिलता है ,
    तृतीये पद में जन्मे जातक से उच्चे पद के जॉब मिलते है
    और चौथे पद में जन्मे जातक को परिवार में खुशिया ही खुशिया मिलती है
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     क्‍या
    आप नौकरी को लेकर बेहद परेशान
    हैं
    ?
    क्‍या
    आप कड़ी मेहनत करते हैं,
    फिर
    भी परिणाम अच्‍छे नहीं मिलते?
    क्‍या
    आप शादी को लेकर परेशान हैं,
    या
    आपकी शादी अच्छी नहीं चल पा
    रही है?
    यदि
    ऐसा है,
    तो
    आप अपनी जन्मकुंडली देखें,
    कहीं
    उसमें काल सर्प योग तो नहीं?
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    know free about future, carrier, business,dosh,marrige Etc..
    यहाँ से जाने अपने करियर, बिज़नेस और आर्थिक स्तिथि और वैवाहिक जीवन, कुंडली के कारक और मारक गृह अपने नक्षत्र के अनुसार आपको किस फील्ड में जाना चाहिए और अपनी कुंडली में बने दोष जैसे की कालसर्प दोष , नाग दोष आदि दोषो के बारे में - https://www.foresightindia.com/blogview?blogid=68
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    What is Nakshtra, Know about Rewati nakshtra
    अगर आप जानना चाहते है की आपका नक्षत्र कौन सा है और उसका आपके जीवन पर क्या प्रभाव है अपना नक्षत्र -See more...
    जन्म के समय मौजूद ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों के आधार पर हमारी कुंडली का निर्माण होता है और फिर यही ग्रह अपने-अपने स्वभाव के अनुरूप हमारे जीवन को चलाते हैं।वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों का विशेष महत्व है।आपके जन्म के समय चन्द्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है , वही आपका जन्म नक्षत्र कहलाता है । आपके सही जन्म नक्षत्र पता होने के बाद आपके बारे में बिल्कुल सही भविष्यवाणी की जा सकती है। भारतीय ज्योतिष में बहुत से नक्षत्र है जैसे की अश्विनी, मृगसर, पुनर्वसु, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, रेवती आदि।लेकिन आज हम बात क्र रहे है रेवती नक्षत्र की -27 नक्षत्रों में से रेवती को 27वां तथा अन्तिम नक्षत्र माना जाता है।रेवती का शाब्दिक अर्थ है धनवान अथवा धनी, इस नक्षत्र का स्वामी बुध है, देवता पूषा हैं, और राशि स्वामी गुरु है।गुरु बुध की युति जिस भाव में होगी वैसा फल देगा।इस नक्षत्र से विद्या का आरंभ, गृह प्रवेश, विवाह, सम्मान प्राप्ति, देव प्रतिष्ठा, वस्त्र निर्माण इत्यादि कार्य संपन्न किए जाते हैं।जिन लोगो का जन्म इस नक्षत्र में होता है वह बुध महादसा में जन्म लेते हैं। तथा तेजस्वी, सुंदर, चतुर, विद्द्वान होते हैं। धन धान्य से युक्त होते हैं।इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति को सरकारी नौकरी , बैंक, शिक्षा, लेखन, व्यापार , ज्योतिष एवं कला के क्षेत्र में कार्य करते देखा गया है.पर इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति को अपने जीवन में माता पिता का सहयोग कभी नहीं प्राप्त होता है. यही नहीं उनका करीबी मित्र या रिश्तेदार भी कष्ट के समय उनका साथ नहीं देते हैं परन्तु उनका दाम्पत्य जीवन बहुत खुशहाल होगा. विवाह उपरान्त उनका जीवन साथी उनका हर प्रकार से सहयोग करेगा तथा उनका जीवन सुखमय और आनंदित रहेगा.आश्लेषा नक्षत्र में जन्मा जातक प्रत्येक कार्य में सफल होता है। आश्लेषा नक्षत्र नौवाँ नक्षत्र है। यह कर्क राशि के अंतर्गत आता है। इस नक्षत्र का स्वामी बुध है। इन नक्षत्र में जन्म लेने वालों को बुध व चंद्र का प्रभाव पड़ता है। बुध ज्ञान का कारक है। यह वणिक ग्रह भी माना गया है।इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति की आँखों एवं वचनों में विशेष आकर्षण होता है. लग्न स्वामी चन्द्रमा के होने के कारण ऐसे जातक उच्च श्रेणी के डॉक्टर , वैज्ञानिक या अनुसंधानकर्ता भी होते हैं क्योंकि चन्द्रमा औषधिपति हैं. इस नक्षत्र में जन्मे जातक बहुत चतुर बुद्धि के होते हैं. आप अक्सर जन्म स्थान से दूर ही रहते हैं।
    Foresight Systems Ltd.
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    Kundli me jane kawn sa dosh chal rha hai
    आप
    जानना चाहते है की आपकी कुंडली
    में कौन सा दोष है या


    अपनी
    नौकरी व व्यवसाय में बाधा
    ,अचानक
    धन का अधिक खर्च होना या धन
    रूक-रूक
    कर प्राप्त होना, दाम्पत्य
    जीवन में कष्ट आदि समस्या
    क्यों होता है तो जरूर अपना
    कुंडली चेक कराये और अपना दोष
    जाने | See more : https://bit.ly/2oIoDGX
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    होरा कुंडली में लग्न सूर्य का है या चंद्र का , उससे आपको क्या प्रभाव पड़ेगा
    अगर आप भी जानना चाहते है की आपकी होरा कुंडली में लग्न सूर्य का है या चंद्र का , उससे आपको क्या प्रभाव पड़ेगा तथा अपनी होरा कुंडली से अपने नौकरी , पैसा , मकान ,वाहन आदि के बारे में जानना चाहते है तो अपनी होरा कुंडली यहाँ से https://bit.ly/2DBlOeT  डाउनलोड करे 
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    आपकी कुंडली के दूसरे भाव में कौन सा गृह है |
    आप
    जानना चाहते है की आपकी कुंडली
    के दूसरे भाव में कौन सा गृह
    है उससे आपकी कुंडली में धन
    योग बन रहा है या नहीं और और
    उससे आपको क्या लाभ मिल रहा
    है तो यह जानने के लिये आप
    .
    https://www.foresightindia.com/basichoro/P1
    से
    बनाये
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    यहाँ
    से जानिये आपकी कुंडली में
    धन योग है नहीं -
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